कंडाली उर्फ़ बिच्छु घास (Nettle)
पहाड़ों में जो भी मित्र गए हैं उनका पाला इस बूटी से जरूर पड़ा होगा। बहुमुखी प्रतिभा की ये बूटी जितना अपने पास आने से डराती है उतनी ही बहुमूल्य बूटी है। इसके बहुमुखी प्रतिभा के होने के कुछ तथ्य इस प्रकार हैं :-
१. सर्वप्रथम तो बचपन में मास्टर जी कंडाली को अपने पास रखकर हमको किताबों के पाठ याद कराया करते थे। इसके खौफ से एक सप्ताह में याद होने वाले प्रश्न एक घण्टे में याद हो जाते थे।
२. कंडाली के बीजों को पेट साफ करने वाली दवा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
३. कंडाली आयरन से भरपूर होती है, इसका साग बनाकर खाने से शरीर में आयरन की कमी को आसानी से दूर किया जा सकता है।
४. प्रसूति के बाद महिलाओं को कंडाली का साग खिलाने से शरीर में आवश्यक तत्वों की पूर्ती शीघ्र होती है।
५. कंडाली एलर्जी रोधक है। इसके सेवन से विभिन्न प्रकार की एलर्जी से मुक्ति पाई जा सकती है।
६. कंडाली के पत्तों को हर्बल चाय में प्रयुक्त किया जाता है।
७. विटामिन A की प्रचुर मात्रा कंडाली में पाई जाती है।
८. कंडाली के बीजों का प्रयोग केंसर के लिये प्रयुक्त होने वाली दवाओं में होता है।
९. तंत्र-मन्त्र में कंडाली का प्रयोग विशेष रूप से होता है। अच्छे-खासे भूत इसके प्रयोग से भाग जाते हैं।
कंडाली के और भी कई गुण हैं। कभी खाओ तो खुद ही समझ आ जाएगी, इसलिए पहाड़ों में जाओ और कंडाली की झमझाट न खा के आओ तो समझो पहाड़ यात्रा पूरी नहीं हुई है।
Very Informative post dada,
ReplyDeleteSerial No 1: Just because of Kandali, I still remember the Sanskrit sholakas and verses.. (subhashitani) they say , I Guess.
2: yes, great source of vitamin A and those who suffer from Anemia .. and its root also used for some super natural powers...
Deepak Naithani
Kudos! to you for your last Quip... real one.. Deepak Naithani
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