एडवेंचर एक्टिविटी (साहसिक खेल) व सुरक्षा
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पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन, साहसिक खेलों व एडवेंचर एक्टिविटी की ओर युवाओं का रुझान बहुत ही तेजी से बढ़ा है। अच्छी बात है, इसके कई फायदे हैं। कोई भी एडवेंचर एक्टिविटी होगी वो निश्चित रूप से कई तरीकों से आपकी शारीरिक व मानसिक स्वस्थता की परीक्षा लेगी ही। इससे स्वयं के शरीर के बारे में अच्छे से जानने का मौका भी मिल जाता है कि आप कितने गहरे पानी में हैं। कुछ लोग जानने के बाद कोई बहाना बनाकर चुप बैठ जाएंगे, कुछ अपने शरीर की कमियों को दूर कर बेहतर करने का प्रयास करेंगे।
साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखण्ड अपनी विशेष पहचान बना रहा है। राफ्टिंग को नई दिशा देने में ऋषिकेश का महत्वपूर्ण योगदान है। हालांकि राफ्टिंग की वजह से आज के समय ऋषिकेश कितना परेशान है, ये वहां के निवासी ही बता देंगे। हर सप्ताहांत में वहां जाम से जूझते स्थानीय निवासी राफ्टिंग वालों को कोसते हुए आसानी से मिल जाएंगे। लेकिन सुनियोजित तरीके से इस पर कार्य किया जाए तो पर्यटक इसका भरपूर आनन्द उठा सकते हैं।
ऋषिकेश से थोड़ा ऊपर की ओर पहाड़ों पर चलें तो जगह-जगह आपको कैम्प साइट दिख जाएंगी, जो पूरी तरह से एडवेंचर एक्टिविटी के लुभावने बैनर के साथ आपका स्वागत करने को तैयार मिलेंगी। इनके बैनर को देखकर मन ललचाए बिना रह नहीं पाता। लोग ललचाते भी हैं, और इनके पास जाते भी हैं। अच्छी बात है, पर्यटक जाएंगे तो उनकी कुछ आमदनी भी होगी व रोजगार भी मिलेगा।
थोड़ा और ऊपर पहाड़ों पर जाएंगे तो ट्रैकरों के ग्रुप आपको ट्रैकिंग के लिए जाते हुए आसानी से दिख जाएंगे। ट्रैकिंग ही एक ऐसा माध्यम है कि जिससे उत्तराखण्ड के सुदूर गांवों में सीधे व्यावसायिक गतिविधि होती है। अन्यथा साल भर वहां आमदनी का कोई बाहरी जरिया है भी नहीं।
अब जब साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में इस राज्य में अथाह संभावनाएं हैं तो निश्चित रूप से लोगों का यहां आना बढ़ेगा ही। चूंकि मेरा ग्रह राज्य है, तो मेरे लिए खुशी की बात तो होगी ही। लेकिन दुख की बात तब होती है, जब आये दिन अखबारों में या जानकारों से मालूम पड़ता है कि यहां ट्रैक पर ये दुर्घटना हो गयी, वहां राफ्टिंग में इतने डूब गए आदि-आदि।
अगर आप कहीं भी किसी भी साहसिक खेल या एक्टिविटी के लिए निकलते हैं तो कुछ मूल बातों का विशेष ध्यान रखें।
1. जहां एडवेंचर शब्द जुड़ गया वहां जान का भी खतरा है। सोच समझकर ही एक्टिविटी का चुनाव करें व किसी भी एडवेंचर एक्टिविटी को कभी भी हल्के में न लें.
2. जिस भी कम्पनी का आप पैकेज ले रहे हैं, क्या वो आपको अनुभवी व सत्यापित गाइड साथ में दे रहे हैं ? सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यही है। अगर पहाड़ों में या किसी भी एक्टिविटी में आप मुसीबत में पड़ते हैं तो यही व्यक्ति आपका जीवन रक्षक होगा।
3. किसी भी एक्टिविटी का चुनाव करने से पहले उसके बारे में अच्छे से जानकारी ले लें। इंटरनेट पर हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध है।
4. आपका गाइड ही आपका जीवन रक्षक होगा इसलिए गाइड द्वारा बताई एक एक बात को गांठ बांध कर उसका पालन करें।
5. प्रकृति से टकराने की भूल कभी न करें। आप प्रकृति के समक्ष एक चींटी के बराबर भी नहीं हैं। इस बात को सदैव ध्यान में रखें।
6. कोई भी डेयर डेविल की हरकत आपकी जिंदगी खतरे में डाल सकती है। ऐसा कुछ भी न करें जिससे आपका जीवन खतरे में पड़ जाए।
7. उसने वो किया, मैं उससे बढ़कर करूँगा। इस लालच से दूर रहकर जो शारीरिक क्षमता आपकी है, उसी में रहकर आनन्द लें।
8. कोई भी एक्टिविटी शुरू करने से पहले आपका गाइड आपको सारी जानकारी देता है, एकाग्रचित होकर उन्हें सुनें, समझें व उनका पालन करें।
9. किसी भी सस्ते पैकेज की ओर आकर्षित होने से पहले ये जरूर जांच लें कि उसमें आपकी सुरक्षा के लिए क्या-क्या सुविधाएं दी गयी हैं। अच्छा भोजन क्या मिल रहा है, इस पर लालच न करें। अच्छा भोजन आप किसी भी अच्छे रेस्टोरेंट में बैठकर भी कर सकते हैं। वहां आप उस एक्टिविटी के लिए गए हैं, न कि सुख-सुविधाओं के लिए। इसलिए सुरक्षा के मानक जरूर जांच लें।
और भी बहुत कुछ है जो समय-समय पर लिखता ही रहूंगा। आपका जीवन अमूल्य है, इसको ऐसी किसी भी छोटी सी लापरवाही से खतरे में न डालें। ट्रैकिंग व एकल ट्रैकिंग के इच्छुक जो भी लोग हैं व पहली बार जाना चाहते हैं, शीघ्र ही एक पोस्ट उनके लिए भी लिखूंगा।
"खूब घुमक्कड़ी हो लेकिन सुरक्षित घुमक्कड़ी हो"
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